IPL सट्टेबाजों पर कार्रवाई या रसूख के आगे सिस्टम बेबस ?
प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द, आरोपियों की तस्वीरें भी गायब; चौक कोतवाली पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
शाहजहांपुर।चौक कोतवाली पुलिस द्वारा आईपीएल सट्टेबाजी के मामले में की गई कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस ने सट्टेबाजी के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया, लेकिन कार्रवाई के बाद जिस तरह से पहले प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस को रद्द किया गया और फिर आरोपियों की तस्वीरें भी सार्वजनिक नहीं की गईं, उससे पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने जिन लोगों को सट्टेबाजी के आरोप में पकड़ा उनमें पराक्रम, प्रखर सिंह, नीतेश, विशेष, पुरुषार्थ और बालगोविंद के नाम सामने आए हैं। लेकिन कार्रवाई के बाद पुलिस का रवैया कई सवाल खड़े कर रहा है।
आम तौर पर बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा करती है और आरोपियों की तस्वीरें भी मीडिया को उपलब्ध कराई जाती हैं। लेकिन इस मामले में पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस को रद्द कर दिया गया और बाद में आरोपियों की तस्वीरें भी जारी नहीं की गईं।
ऐसे में लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर ऐसा क्या था कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा?
जनपद में अपनी सख्त कार्यशैली और अपराधियों के खिलाफ कड़े रुख के लिए पहचाने जाने वाले पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।सवाल उठ रहे हैं कि क्या आरोपियों के कथित रसूख और प्रभाव के चलते पुलिस पूरी पारदर्शिता नहीं दिखा पाई, या फिर इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक कारण है?
शहर में अब यह चर्चा जोरों पर है कि जब पुलिस ने कार्रवाई की है तो फिर आरोपियों की पहचान और तस्वीरें सार्वजनिक करने में संकोच क्यों किया गया। क्या कानून सभी के लिए समान है या फिर कुछ प्रभावशाली लोगों के लिए नियम अलग हैं?
फिलहाल पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द होने और आरोपियों की तस्वीरें सार्वजनिक न किए जाने से पूरे मामले पर सवालिया निशान जरूर लग गए हैं।
फोटो काल्पनिक

