*भाई, ये तो *लोकतंत्र के चौथे स्तंभ* *पर सीधा हमल*
*ब्रेकिंग न्यूज: बहराइच में पत्रकारों पर FIR, अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में*
*इंडिया रिपब्लिक बहराइच*
भ्रष्टाचार उजागर करना बहराइच में जुर्म बन गया है। *जिला प्रशासन बहराइच* ने दो निर्भीक पत्रकारों *मसूद कादरी* और *रफीक उल्ला खान* पर FIR दर्ज करवा दी है।
*पूरा मामला:*
- पत्रकारों ने *EO प्रमिता सिंह* से जुड़े भ्रष्टाचार का मामला उठाया था
- प्रशासन बौखला गया और बदले की कार्रवाई में FIR दर्ज करा दी
- *सूत्रों के अनुसार DM के निर्देश पर SP* ने पत्रकारों पर केस किया
- सवाल ये है: *क्या अब सवाल पूछना भी जुर्म है?*
*पत्रकार संगठनों में आक्रोश:*
"ये लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने की साजिश है। भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकारों पर FIR करना तानाशाही है। अगर FIR वापस नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा।"
1. दोनों पत्रकारों पर दर्ज फर्जी FIR तत्काल वापस हो
2. EO प्रमिता सिंह के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच हो
3. DM-SP की भूमिका जांच कराई जाए
4. ने कहा - "पत्रकारों की कलम तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी। हम सच लिखते रहेंगे। प्रशासन को जवाब देना होगा कि भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?"
*रिपोर्ट: अंकित मेहरोत्रा*
*ब्यूरो चीफ इंडिया रिपब्लिक बहराइच*

