Chitrakoot News : गैंगरेप पीड़िता की आत्महत्या मामले में थानाध्यक्ष समेत 2-दरोगा निलंबित | चित्रकूट में जांच में लापरवाही पाए जाने पर DIG के निर्देश पर कार्रवाई
चित्रकूट के पहाड़ी थाना क्षेत्र में गैंगरेप के बाद किशोरी की आत्महत्या के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई की। जांच में लापरवाही और शिकायतों के निस्तारण में गंभीर चूक पाए जाने पर तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रवीण सिंह और उपनिरीक्षक राजेश यादव को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई बांदा परिक्षेत्र के डीआईजी राजेश एस के निर्देश पर की गई।
जानकारी के अनुसार, होली के दिन किशोरी गांव में पानी भरने गई थी। आरोप है कि उसी दौरान कुछ युवकों ने उसे बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता और उसके परिजनों ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई थी, लेकिन समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगे। परिजनों का कहना है कि आरोपियों द्वारा लगातार दबाव और उत्पीड़न किए जाने से किशोरी मानसिक तनाव में रहने लगी थी।
न्याय न मिलने की आशंका से परेशान
बताया गया कि 14 अप्रैल को कथित उत्पीड़न और न्याय न मिलने की आशंका से परेशान होकर किशोरी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे और मामले ने तूल पकड़ लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी बांदा ने जांच अपर पुलिस अधीक्षक बांदा को सौंपी थी। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रवीण सिंह को पहले ही लाइन हाजिर कर दिया गया था। बाद में विस्तृत जांच रिपोर्ट में शिकायतों के निस्तारण और मामले की निगरानी में गंभीर चूक मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। उपनिरीक्षक राजेश यादव के खिलाफ भी यही कार्रवाई की गई है।
विभागीय स्तर पर एक अन्य पुलिसकर्मी के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, पीड़िता के परिजन दोषी पुलिसकर्मियों और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। #chitrakootdham #karwichitrakoot

