ग्रीष्मावकाश में जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों ने उठाई आपत्ति, डीएम से अवकाश की मांग
शाहजहाँपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पाण्डेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मुलाकात कर जनगणना ड्यूटी से जुड़ी समस्याओं और विसंगतियों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जिन विद्यालयों के सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, उनमें से इंचार्ज शिक्षक को ड्यूटी से मुक्त किया जाए। साथ ही एकल शिक्षक वाले विद्यालयों के शिक्षकों को भी जनगणना कार्य से अलग रखने की मांग की गई। संघ ने कहा कि कई महिला शिक्षकों और शिक्षामित्रों की ड्यूटी उनके विद्यालय से काफी दूर लगा दी गई है, जिससे उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे मामलों में संशोधन कर ड्यूटी विद्यालय अथवा उसके आसपास लगाने की मांग की गई। इसके अलावा दूसरे ब्लॉक में पर्यवेक्षक और प्रगणक बनाए गए शिक्षकों की ड्यूटी भी संबंधित ब्लॉक में ही लगाने की बात कही गई। शिक्षक संघ का कहना है कि वर्तमान समय में विद्यालयों में नवीन नामांकन, स्कूल चलो अभियान और मिड-डे मील जैसे कार्य चल रहे हैं। ऐसे में किसी विद्यालय के सभी शिक्षकों और शिक्षामित्रों को जनगणना ड्यूटी में लगाने से शैक्षणिक कार्य प्रभावित होगा। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार मकान सूचिकरण और गणना का कार्य 22 मई से 20 जून तक प्रस्तावित है, जबकि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार जनगणना के प्रथम चरण का कार्य 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच किसी भी 30 दिन में कराया जा सकता है। संघ ने भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए यह कार्य जुलाई-अगस्त में कराने की मांग की। साथ ही कहा गया कि यदि जनगणना का प्रथम चरण ग्रीष्मावकाश में ही कराया जाता है तो ड्यूटी में लगे सभी शिक्षकों को शासनादेश एवं विभागीय निर्देशों के अनुसार अवकाश दिया जाए। जिलाधिकारी से मिलने वालों में जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पाण्डेय के अलावा भुवनेश गुप्ता, नवनीत तिवारी और अरविंद वर्मा शामिल रहे।

