गोंडा के देवरियाकला ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता और धांधली की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम प्रियंका निरंजन ने ग्राम प्रधान निर्मला देवी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए हैं। साथ ही मामले में संलिप्त ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए हैं।
लाल जी दुबे ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले ग्राम पंचायत निवासी अखिलेश तिवारी ने सड़क निर्माण और ह्यूम पाइप की खरीद व स्थापना में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत प्रशासन से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य कोषाधिकारी और जल निगम के अधिशासी अभियंता की संयुक्त जांच टीम गठित की थी।
बिना कार्य कराए सरकारी धन का भुगतान
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कागजों में विकास कार्य पूरा दिखा दिया गया, जबकि जमीन पर करीब 134 मीटर लंबा ह्यूम पाइप लगाया ही नहीं गया था। बिना कार्य कराए सरकारी धन का भुगतान निकाल लिया गया। इसके अलावा पंचायत भवन मरम्मत के नाम पर भी बिना काम कराए भुगतान किए जाने के आरोपों की जांच जारी है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन जवाब संतोषजनक न मिलने पर उनके अधिकार सीज कर दिए गए। मामले की अंतिम जांच के लिए जिला उद्यान अधिकारी और सरयू नहर खंड-दो के अधिशासी अभियंता को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ग्राम पंचायत के कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए खंड विकास अधिकारी के माध्यम से त्रिस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव मांगा गया है। यह समिति जल्द ही पंचायत के विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मचा हुआ है।

