उत्तर प्रदेश में बिजली फॉल्ट ठीक करने में बढ़ रहे समय और उससे पैदा हो रहे बिजली संकट को देखते हुए बिजली कंपनियों ने बड़ा फैसला लिया है। अब कंपनियां दोबारा संविदा कर्मचारियों की भर्ती करेंगी ताकि खराबी आने पर उसे जल्द ठीक किया जा सके। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। दरअसल, गर्मियों से पहले करीब 20 हजार संविदा कर्मचारियों की छंटनी कर दी गई थी। इसके बाद कई क्षेत्रों में फॉल्ट सुधार कार्य प्रभावित हुआ और बिजली आपूर्ति बहाल करने में अधिक समय लगने लगा।
बिना बिजली के घंटो रहना पड़ रहा था
गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को बड़ा बिजली संकट झेलना पड़ रहा है। किसी भी जगह पर होने वाले फॉल्ट पर उसे बनाने में तय समय से ज्यादा लग रहा था। बिजली उपकेंद्रों पर मरम्मत कार्य देखने वाली टीमों की संख्या घटाकर सिर्फ एक कर दी गई थी, जबकि एक उपकेंद्र से सात से आठ फीडर संचालित होते हैं। ऐसे में जब एक साथ कई फीडरों में खराबी आती थी, तो उन्हें बारी-बारी से ठीक करना पड़ता था। इसी कारण फॉल्ट दूर करने में अधिक समय लगने लगा और बिजली आपूर्ति बहाल होने में देरी होती रही। लोगों को भीषण गर्मी के बीच घंटों बिना बिजली के रहना पड़ा था।

