आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े का आरोप, रिटायर्ड शिक्षक के ऑपरेशन पर उठे सवाल
सीएमओ से शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, पांच लोगों के खिलाफ जांच शुरू होने के संकेत
बरेली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुराना शहर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने सीएमओ से शिकायत कर आरोप लगाया है कि बरेली में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर निजी अस्पतालों में इलाज और ऑपरेशन कराने वाला पूरा गिरोह सक्रिय है। शिकायत में रिटायर्ड शिक्षक समेत पांच लोगों के नाम सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
सूफी टोला निवासी नेहा परवीन ने सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि जगतपुर की गुलिस्ता कॉलोनी निवासी मोहम्मद जावेद, नेहा रानी और जहाजेब अंसारी मिलकर फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार कराने और सरकारी योजना का गलत फायदा दिलाने का काम करते हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस गैंग ने कई लोगों की पहचान, पता और दस्तावेज बदलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
रिटायर्ड शिक्षक के इलाज पर उठे सवाल
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप रिटायर्ड शिक्षक बाबू अंसारी के आंख के ऑपरेशन को लेकर लगाया गया है। महिला का आरोप है कि बाबू अंसारी का इलाज और ऑपरेशन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया गया। इतना ही नहीं, इलाज के दौरान दूसरी पहचान और दूसरे राज्य के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी भुगतान प्राप्त किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार नसरीन बेगम नाम की महिला का आयुष्मान कार्ड बिहार का दर्शाया गया, जबकि इलाज बरेली के एक निजी अस्पताल में कराया गया। आरोप है कि सात मार्च को मरीज को भर्ती किया गया, नौ मार्च को आंख का ऑपरेशन हुआ और 11 मार्च को डिस्चार्ज कर दिया गया। पूरे इलाज का भुगतान आयुष्मान योजना के तहत सरकारी खाते से निकाले जाने की बात कही गई है।
आधार और बैंक खाते का भी जिक्र
महिला ने शिकायत में आधार नंबर और बैंक खातों से जुड़े बिंदुओं का भी उल्लेख किया है। आरोप लगाया गया है कि सरकारी योजना से रकम निकालने के लिए पहचान संबंधी रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। शिकायतकर्ता ने इसे उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के साथ सीधी धोखाधड़ी करार देते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
पांच लोगों के नाम से मची खलबली
शिकायत में मोहम्मद अंसारी, नेहा रानी, जहाजेब अंसारी, बाबू अंसारी और नसरीन बेगम के नाम दिए गए हैं। मामला सीएमओ कार्यालय पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। सूत्रों के अनुसार आयुष्मान योजना से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और संबंधित अस्पताल की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
जांच के बाद हो सकती है बड़ी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन पर भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं मामले के सामने आने के बाद आयुष्मान योजना की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

