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*वोटों का डर बना शहर की खूबसूरती में सबसे बड़ा रोड़ा**
शाहजहांपुर। महानगर को स्मार्ट और सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, योजनाएं बनीं, घोषणाएं हुईं, लेकिन शहर की सबसे बड़ी समस्या आज भी वहीं की वहीं खड़ी है। वजह है वोटों का डर।
प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शहर के विकास के लिए तमाम योजनाएं दिलाईं। आईटीएमएस योजना में करीब 42 करोड़ रुपये खर्च हुए। कई चौराहों का सुंदरीकरण कराया गया, बाजारों में ग्रीलें लगवाई गईं, स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाओं की शुरुआत हुई, लेकिन शहर को असल राहत देने वाले फैसलों पर हमेशा ब्रेक लगता रहा।
सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण की रही। बाजारों में सड़कें सिकुड़ती चली गईं, दुकानों के बाहर तक सामान सजता रहा, लेकिन हटवाने की सख्ती नहीं दिखी। मंडी क्षेत्र में कॉरिडोर की चर्चा तो खूब हुई, मगर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आज तक पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर सकी। हालात यह हैं कि शहर की सड़कों पर आज भी डेयरियों का कब्जा और छुट्टा घूमते पशु आम बात हैं। कई इलाकों में नालों पर कब्जे हो चुके हैं। ट्रैफिक जाम रोज की परेशानी बन चुका है। लोगों का कहना है कि प्रशासन जब भी कार्रवाई की तैयारी करता है तो वोटों का दबाव बीच में आ जाता है। इसी वजह से वर्षों से चली आ रही समस्याएं खत्म नहीं हो पा रही हैं। शहरवासियों का मानना है कि जिस दिन विकास के आगे वोट बैंक की राजनीति हट जाएगी, उसी दिन सड़कें चौड़ी होंगी, अतिक्रमण हटेगा और महानगर वास्तव में सुंदर दिखाई देगा।

