30 साल का 'वनवास' तब हुआ खत्म जब हरदोई कांग्रेस दफ्तर का 'नल-टैक्स' चुकाने पहुंचे नेताजी!
हरदोई। कहते हैं कि राजनीति में मुद्दे कभी पुराने नहीं होते, लेकिन हरदोई कांग्रेस के लिए एक 'पुराना हिसाब' गले की फांस बन गया था। मामला नगर पालिका के गृह कर (House Tax) और जल कर (Water Tax) का था, जो पिछले 30 सालों से 'पेंडिंग' मोड में पड़ा धूल फांक रहा था। लेकिन जैसे ही नगर पालिका ने नोटिस का चाबुक चलाया, कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई।सालों से जिस टैक्स को 'कल देखेंगे' पर टाला जा रहा था, उसे चुकाने के लिए कांग्रेस का एक भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडल सीधे नगर पालिका दफ्तर धमक पड़ा। जिला अध्यक्ष विक्रम पांडे की अगुवाई में नेताओं की टोली अधिशासी अधिकारी रामेंद्र सिंह के सामने खड़ी थी। हाथ में कोई विरोध प्रदर्शन का झंडा नहीं, बल्कि बकाया राशि का डिमांड ड्राफ्ट (DD) था।कांग्रेस नेताओं ने बड़े ही सलीके से ड्राफ्ट सौंपते हुए कहा, "हम तो कानून का सम्मान करने वाले लोग हैं।खैर,नेताओं ने साफ किया कि संगठन अपने दायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध है, भले ही इसके लिए तीन दशक का इंतजार करना पड़ा हो।इस 'ऐतिहासिक' भुगतान के मौके पर शहर अध्यक्ष अनुपम दीक्षित, NSUI के हसन अहमद और पीसीसी सदस्य आशीष पाल समेत कई दिग्गज मौजूद रहे। नगर पालिका के अधिकारी भी शायद मन ही मन मुस्कुरा रहे होंगे कि चलो, तीन दशक बाद ही सही, खजाना तो भरा!शहर के गलियारों में अब लोग चुटकी ले रहे हैं कि- "विपक्ष सरकार से तो हिसाब मांगता ही है, लेकिन इस बार नगर पालिका ने विपक्ष से ही पुराना हिसाब बराबर कर लिया!"
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