डिप्टी सीएम की पोस्ट से स्वास्थ्य महकमे में खलबली, मलाईदार पद पर बैठे डाक्टर ने नचा दिया महकमा
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट ने स्वास्थ्य महकमें में खलबली मचा दी है। डिप्टी सीएम ने सीएमओ डॉक्टर भवनाथ पांडे से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि आकाशी ब्लॉक संडीला एफ आर यू सीएचसी पर नियमों को धता बताते हुए लेवल 1 के जूनियर डॉक्टर मनोज सिंह को कैसे चार्ज दे रखा है, जबकि विभागीय नियमों के मुताबिक लेवल 3 के डॉक्टर को ही चार्ज देना चाहिए, वह भी तब जब की जिले में एक दर्जन से ज्यादा सीनियर डॉक्टर लगभग खाली बैठे हैं, इतना ही नहीं श्री पाठक ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि डॉक्टर मनोज सिंह को पीसीपीएनडीटी का नोडल चार्ज भी कैसे दे रखा है जबकि डॉ मनोज की लापरवाह कार्यशैली के चलते जिले में मानक विहीन अवैध निजी अस्पताल , पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर तथा झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है, इन अवैध और मानक विहीन सेंटरों पर कोई प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई है । फिलहाल पूरे मामले सीएमओ से स्पष्टीकरण देने और मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं अब देखना होगा कि सीएमओ इस पर क्या कार्रवाई करते हैं।
सेटिंग में माहिर है डॉक्टर मनोज
विभागीय सूत्रों की माने तो डॉक्टर मनोज सिंह सेटिंग के माहिर खिलाड़ी है, पूर्व में जिले में सीएमओ रहे डॉक्टर रोहताश कुमार के कार्यकाल में इन्होंने अपनी सेटिंग का लोहा मानवता हुए जिले के आकांक्षी ब्लाक संडीला एफआरयू सीएचसी पर तैनात एक सीनियर लेवल 3 के डॉक्टर शरद वैश्य को हटवाकर खुद कुर्सी हथिया ली थी, इतना ही नहीं एक और सीनियर डॉक्टर पंकज मिश्रा से कई महत्वपूर्ण नोडल अधिकारी के चार्ज भी हड़प लिए।विभागीय जानकारों के मुताबिक मलाईदार पदों में नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी ,नोडल अधिकारी क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट, नोडल अधिकारी मेडिकल रीइंबर्समेंट और जिले का स्टोर है। इसमें स्टोर को छोड़कर बाकी सारे काम डॉक्टर मनोज सिंह ही देखते हैं।
एमएलसी की चिट्ठी भी डस्टबिन में चली गयी
नियम विरुद्ध तरीके से संडीला सीएचसी पर तैनाती से नाराज एमएलसी अशोक अग्रवाल ने विभागीय उच्च अधिकारियों को संडीला में तैनाती के अलावा तमाम अन्य अनियमिताएं की जांच के लिए एक चिट्ठी लिखी। चिट्ठी से हो हल्ला तो खूब मचा लेकिन डॉक्टर मनोज सिंह की सेटिंग के आगे वह चिट्ठीडस्टबिन में चली गयी,
जिले में एक दर्जन से ज्यादा सीनियर डॉक्टर है खाली
ट्रांसफर पोस्टिंग और मलाईदार पदों में सेटिंग का खेल कितना गहरा है इसका पता ऐसे भी लग सकता है की जिले में इस समय लेवल 3 से ऊपर करीब 30 डॉक्टर तैनात है इनमें एक दर्जन से ज्यादा सीनियर डॉक्टर लगभग खाली बैठे हैं। जबकि संडीला हरपालपुर एफआरयू सीएचसी के अलावा तमाम महत्वपूर्ण चार्ज जूनियर डॉक्टरों के पास है ।खाली बैठे डॉक्टर में डॉक्टर समीर वैश्य,डॉक्टर सत्येंद्र गौतम,डॉक्टर हेमंत राजपूत,डॉ विनीत तिवारी,डॉक्टर विनीत शुक्ला, डाक्टर अमित कुमार आदि हैं जिनके पास कोई खास चार्ज नहीं है या बिल्कुल खाली है।
डिप्टी की चिट्ठी से हरकत में आया महकमा
डिप्टी सीएम की एक्स हैंडल पर पोस्ट वायरल होते ही स्वास्थ्य महकम पूरी तरीके से हरकत में आ गया । सीएमओ डॉक्टर भवनाथ पांडे ने तुरंत डॉक्टर अरविंद सचान के नेतृत्व में डॉक्टर हेमंत राजपूत ,डॉक्टर विनीत तिवारी ,डॉक्टर मनोज सिंह की संयुक्त टीम बनाकर झोलाछाप डॉक्टर ,मानक विहीन निजी नर्सिंग होम आदि पर कार्रवाई के निर्देश दे दिए। शुक्रवार को इस टीम ने कछौना क्षेत्र में कई जगह छापेमारी की, कुछ पैथोलॉजी को सील भी किया। अब सवाल यह भी उठता है कि अब तक सो रहा विभाग डिप्टी की पोस्ट के बाद अचानक से जाग गया। कुछ ही घंटे के भीतर ही टीम बनाकर छापेमारी भी करने लगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि डाक्टर मनोज सिंह पर कोई कार्यवाई होती है या उनकी सेटिंग के आगे मंत्री जी का आदेश भी हवा हो जाता है।

