अगर गौरव प्रसाद पर हुई करवाई तो छोड़ेंगे नहीं कॉकरोच..
ये हैं कानपुर में ITBP के कमांडेंट गौरव प्रसाद जी आज इनकी हर कोई सराहना कर रहा है। जिन्हें मालूम था कि अपने जवान के लिए इस तरह खुलकर खड़े होने की कीमत उन्हें विभागीय कार्रवाई के रूप में चुकानी पड़ सकती है… फिर भी उन्होंने नौकरी और कुर्सी की चिंता नहीं की।
CO साहब अपने जवान विकास सिंह के लिए पुलिस प्रशासन से भिड़ गए और 50 कमांडोज के साथ कमिश्नर ऑफिस घेर लिया।
जब उनका जवान अपनी माँ के लिए न्याय मांगते-मांगते टूट गया,
जब FIR तक दर्ज नहीं हुई,
जब सिस्टम संवेदनहीन बना रहा…
तब कमांडेंट गौरव प्रसाद अपने 50 कमांडोज के साथ सीधे कमिश्नर ऑफिस पहुँच गए।
यह सिर्फ विरोध नहीं था…
यह उस सोते हुए सिस्टम को झकझोरने की कोशिश थी,
जो एक जवान की पीड़ा देखकर भी चुप बैठा था।
आज बहुत लोग नियम-कायदे की बात कर रहे हैं…
लेकिन अगर ये कमांडेंट अपने जवान के लिए खड़े नहीं होते,
तो शायद यह मामला भी दबा दिया जाता।
ऐसे जांबाज कमांडेंट को सैल्यूट। 🇮🇳
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