प्रयागराज में सनसनी: नौवीं मंजिल के फ्लैट में हाईकोर्ट अधिवक्ता की फंदे से लटकती मिली लाश, पुलिस जांच में जुटी

 प्रयागराज में सनसनी: नौवीं मंजिल के फ्लैट में हाईकोर्ट अधिवक्ता की फंदे से लटकती मिली लाश, पुलिस जांच में जुटी


खास बातें:

 * धूमनगंज के पारस ग्रीन अपार्टमेंट में देर रात घटी दिल दहला देने वाली घटना।

 * मृतका के पति यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और धूमनगंज इलाके में ही तैनात हैं।

 * देर रात हुई एक वीडियो कॉल के बाद सामने आया पूरा मामला; पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने फ्लैट किया सील।



प्रयागराज:

संगम नगरी के धूमनगंज थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पारस ग्रीन अपार्टमेंट की नौवीं मंजिल स्थित एक फ्लैट में हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ता कंचन सिंह (33) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। घटना के समय मृतका के पति जितेंद्र सिंह—जो कि यूपी पुलिस में दरोगा के पद पर कार्यरत हैं—अपनी ड्यूटी पर तैनात थे।

वीडियो कॉल से गहराया शक, पड़ोसी पहुंचे तो उड़ गए होश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात जितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी कंचन के बीच मोबाइल पर वीडियो कॉल के जरिए बातचीत हुई थी। कॉल के दौरान कंचन की बातों और हाव-भाव से पति को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने फौरन अपार्टमेंट में रहने वाले एक पड़ोसी को अपने फ्लैट पर भेजा। पड़ोसी जब मौके पर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से लॉक था। किसी तरह जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का मंजर देखकर सब दंग रह गए—कंचन का शव कमरे में फंदे से लटक रहा था।


पारिवारिक कलह की आ रही बात सामने, 

सुलह कराने आए थे मायके वाले:

शुरुआती पड़ताल में दंपती के बीच पिछले कुछ समय से मनमुटाव और निजी विवाद की बात सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो कंचन के माता-पिता कानपुर से आकर दोनों के बीच मध्यस्थता कराने और मामले को शांत कराने का प्रयास भी कर चुके थे। शनिवार शाम को ही वे वापस कानपुर लौटे थे, और उसी रात यह खौफनाक कदम उठा लिया गया। दावों की मानें तो कंचन ने आत्महत्या से पहले पति या किसी करीबी को संदेश भी भेजा था, हालांकि पुलिस अभी इन तमाम डिजिटल सबूतों को खंगाल रही है।

शादी की अवधि पर संशय, मोबाइल खंगाल रही फॉरेंसिक टीम

मूल रूप से कानपुर की रहने वाली कंचन सिंह हाईकोर्ट में वकालत करती थीं। उनके पति भी कानपुर के ही निवासी हैं। दोनों के विवाह को कितना समय हुआ था, इसे लेकर अलग-अलग दावे हैं—कुछ जगह 10 महीने तो कहीं 2 साल की बात कही जा रही है। मौके पर पहुँची फॉरेंसिक टीम को फिलहाल कोई सुसाइड नोट हाथ नहीं लगा है। कंचन के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और घटना से ठीक पहले के वीडियो कॉल को जांच का मुख्य बिंदु बनाया गया है।


पुलिस का बयान:

शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस इसे खुदकुशी का मामला मानकर चल रही है, लेकिन मौत के सटीक कारणों पर अभी सस्पेंस बरकरार है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। फिलहाल फ्लैट को सील कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

(डिस्क्लेमर: मामला फिलहाल जांच के अधीन है, किसी भी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगी।)

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