फर्रुखाबाद: 9.50 करोड़ की मंडी रोड निर्माण में धांधली का आरोप, PWD ने काम रुकवाया; स्थानीय लोगों का हंगामा
**फर्रुखाबाद।**
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में आईटीआई चौराहे से सेंट्रल जेल चौराहे तक बन रही 'मंडी रोड' के निर्माण और चौड़ीकरण कार्य में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। स्थानीय नागरिकों की शिकायत और भारी हंगामे के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निर्माण कार्य को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इस सड़क के निर्माण के लिए शासन द्वारा करीब 9.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, और इसका टेंडर अलीगढ़ की एक निजी फर्म को दिया गया है।
### मानक से कम मिली सड़क की मोटाई
सोमवार शाम को स्थानीय मोहल्ले वासियों ने 'फर्रुखाबाद विकास मंच' के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा को सड़क निर्माण में हो रही गड़बड़ी की सूचना दी। सूचना मिलते ही वे स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और कार्य का विरोध करते हुए इसे रुकवा दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता (AE) विनोद राजपूत, AE चंद्रपाल, और कनिष्ठ अभियंता (JE) सोहेल खान व JE हरीश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में जब सड़क की मोटाई की माप कराई गई, तो वह निर्धारित मानकों से काफी कम पाई गई।
> **25 सेमी की जगह मिली केवल 16-18 सेमी मोटाई:** तय मानकों के अनुसार सड़क की सीसी (CC) मोटाई 25 सेंटीमीटर होनी चाहिए थी, लेकिन प्रारंभिक जांच में यह महज 16 से 18 सेंटीमीटर ही पाई गई। वहीं कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ हिस्सों में तो मोटाई मात्र 10 से 12 सेंटीमीटर ही रखी गई है।
### बेस निर्माण और टेंडर की शर्तों के उल्लंघन पर सवाल
सड़क की मोटाई कम होने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों ने इसके बेस निर्माण पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि बिना किसी आवश्यकता के पत्थर डालकर मिट्टी की ब्लाइंडिंग की गई है, जिससे सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। नागरिकों का कहना है कि यदि इसी गुणवत्ता से काम हुआ, तो यह सड़क दो महीने भी नहीं टिक पाएगी।
इसके अलावा, टेंडर की शर्तों के मुताबिक ठेकेदार को निर्माण स्थल पर ही प्लांट स्थापित करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पूरा काम केवल मशीनों और वाहनों के सहारे ही चलाया जा रहा था। लोगों ने मांग की है कि टेंडर की शर्तों का पूरी तरह पालन करते हुए प्लांट लगाकर ही आगे का काम कराया जाए।
### मौके पर तीखी बहस और धक्का-मुक्की
विरोध प्रदर्शन के दौरान निर्माण स्थल पर काफी देर तक गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। ठेकेदार पक्ष के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच तीखी कहासुनी हुई, जो बाद में हल्की धक्का-मुक्की में बदल गई। हालांकि, मौके पर मौजूद PWD अधिकारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला और शांत कराया।
### 'बड़ा भ्रष्टाचार हो रहा, अधिकारी चुप थे'
फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने सीधे तौर पर विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, *"प्रदेश सरकार सड़कों के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, लेकिन यहाँ बेस लेयर से लेकर सीसी (CC) तक हर स्तर पर धांधली हो रही है। इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के बावजूद विभागीय अधिकारी अब तक मौन क्यों साधे हुए थे?"*
### आगे की कार्रवाई
मंडी रोड से रोजाना बड़ी संख्या में भारी मालवाहक ट्रकों का आवागमन होता है, जिसके चलते सड़क की मजबूती बेहद जरूरी है। विभागीय अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मंगलवार को पूरी सड़क की दोबारा से विस्तृत (Detailed) जांच कराई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, जब तक यह विस्तृत जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद रहेगा।
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