IGRS में लापरवाही पर DM का बड़ा एक्शन: फर्रुखाबाद के CMO, BDO और EO समेत दर्जनों अधिकारियों का वेतन रोका
**फर्रुखाबाद।**
जनसुनवाई और जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी (DM) डॉ० अंकुर लाठर ने कड़ा रुख अपनाया है। आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में अत्यंत लापरवाही, शिथिलता और शासनादेशों की अवहेलना करने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए जिले के दर्जनों बड़े अधिकारियों का **माह मई का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का फरमान जारी किया है।**
डीएम की इस बड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
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### रैंकिंग गिरी, शासन में धूमिल हुई जिले की छवि
जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर ने आज आईजीआरएस की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान सामने आया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा न तो संदर्भों की नियमित समीक्षा की जा रही है और न ही शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो रहा है।
> **सबसे बड़ी लापरवाही:** अधिकारी शिकायतकर्ताओं से शत-प्रतिशत संपर्क स्थापित नहीं कर रहे थे। इसके चलते जनपद की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट और रैंकिंग पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे शासन स्तर पर जिले की छवि धूमिल हुई है।
### इन अधिकारियों पर गिरी गाज (वेतन रोकने के निर्देश)
समीक्षा में जिन विभागों की स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक और खराब पाई गई, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं:
* **स्वास्थ्य एवं कल्याण विभाग:** मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी।
* **चिकित्सा प्रभारी:** कमालगंज, शमसाबाद, कायमगंज, नवाबगंज एवं राजेपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी।
* **विद्युत विभाग:** अधीक्षण अभियन्ता विद्युत, अधिशासी अभियन्ता विद्युत (ग्रामीण, नगरीय एवं कायमगंज)।
* **स्थानीय निकाय व आपूर्ति:** अधिशासी अधिकारी (EO) नगर पालिका फर्रुखाबाद व नगर पंचायत मोहम्मदाबाद, जिला पूर्ति अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक कायमगंज।
* **विकास एवं पंचायत खंड:** खंड विकास अधिकारी (BDO) बढ़पुर, कमालगंज व राजेपुर। सहायक विकास अधिकारी (ADO) पंचायत बढ़पुर, कायमगंज, शमसाबाद, राजेपुर, नवाबगंज, कमालगंज एवं मोहम्मदाबाद।
* **अन्य विभाग:** अधिशासी अभियन्ता (जल निगम ग्रामीण) और उप निदेशक कृषि।
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### "शिथिलता और अकर्मण्यता बर्दाश्त नहीं"
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि आईजीआरएस (IGRS) प्रणाली शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं जनसुनवाई और शिकायत निस्तारण को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा गंभीरता न बरतना उनकी **अनुशासनहीनता, कार्य के प्रति शिथिलता, अकर्मण्यता और प्रशासनिक अक्षमता** को दर्शाता है।
### 3 दिन में देना होगा स्पष्टीकरण
डीएम ने इस पूरी लापरवाही को अत्यंत गंभीर मानते हुए सभी दोषी अधिकारियों को **3 कार्यदिवस के भीतर** साक्ष्यों सहित अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त हर शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से फीडबैक लिया जाए।
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